चित्तौड़गढ़ दुर्ग राजस्थान chittorgarh fort Rajasthan
चित्तौड़ का किला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान चित्तौड़गढ़ दुर्ग चित्तौड़गढ़ का किला राजस्थान के इतिहास में दुर्गों का सिरमौर कहना ग़लत नहीं होगा क्योंकि चित्तौड़गढ़ का किला सभी महत्वों को ध्यान में रखकर बनाया गया था सामरिक रूप से भी इस किले को महत्वपूर्ण माना जाता है इसी कारण राजस्थान में कहावत कही जाती है कि 'गढ़ तो गढ़ चित्तौड़गढ़, बाकी सब गढ़ेया।' चित्तौड़दुर्ग मौर्य शासक चित्रांग मोर्य ने मेसा के ऊंचे पठार पर गम्भीरी और बेडच नदीयों के संगम पर बनाया गया था। तथा इसका क्षेत्रफल 28 वर्ग कि.मी. है एवं दुर्ग की परिधि लगभग 13 कि.मी. है। राजस्थान के किलों में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा चित्तौड़ का किला है। इसे भारत का सबसे लम्बा किला भी कहा जाता है। राजस्थान का यह एकमात्र ऐसा दुर्ग है जिसके लिए सर्वाधिक युद्ध लडे गये । सन 1303 ई.में अलाउद्दीन खिलजी ने रावल रतनसिंह को मारकर इस दुर्ग पर अधिकार कर लिया था । चित्तौड़गढ़ के इतिहास का यह एक महत्वपूर्ण युद्ध था जिसमें राजपूत वीरों ने सेनापति गोरा और बादल के नेतृत्व में केसरिया किया और रानी पद्म...