आंबागढ/आमागढ़ दुर्ग जयपुर राजस्थान aambagarh fort Jaipur Rajasthan
अंबागढ़/आमागढ़ दुर्ग (जयपुर, राजस्थान)
आदिवासीयों (मीणा जनजाति की प्राचीन धरोहर)
अंबागढ़/आमागढ़ दुर्ग जयपुर के उत्तर में स्थित गलता की पहाड़ियों पर पुराने घाट के नाके पर स्थित है
गलता की पहाड़ियों को रोचक बनाने का श्रैय ग़ालिब ऋषि को जाता है जो कि मीणा जनजाति से थे। उन्हीं के नाम पर इन पहाड़ीयों का नाम "गलता की पहाड़ी " पडा।
अंबागढ़ दुर्ग का निर्माण बडगोती मीणा राजा ने सैनिक दृष्टि से करवाया था। क्योंकि अरावली के पहाडी एवं मैदानी क्षैत्रो में जनजाति जीवन निवास करता था एवं आंवागढ दुर्ग उसी अरावली श्रेणी पर बना हुआ है एवं प्राचीन जयपुर क्षैत्र व आसपास के क्षैत्रो में मूल रूप से मीणा जनजाति का शासन था इसलिए बाहरी आक्रमणकारियों का सामना करने के अंबागढ़ दुर्ग महत्वपूर्ण सैन्य दुर्ग था
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| पानी की बाबडी |
भले ही वर्तमान में यह दुर्ग जर्जर हालत में है परन्तु मीणा जनजाति आज भी इसे आदिवासीयों की अमूल्य धरोहर के रूप में देखती है
आज भी किले के अन्दर एक बड़ा जलाशय एवं कुछ सैनिक बंकर (कक्ष) बने हुए जो इस बात को प्रमाणित करता है
किले परिसर में अंबिकेश्वर महादेव मंदिर बना हुआ है तथा अंम्बामाता मंदिर बना हुआ है जिसे मीणा जनजाति कुलदेवी के रूप में पूजती है
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| शिव मंदिर |
तथा किले में भैरव मंदिर भी बना हुआ है यहां बलिप्रथा ,तथा दारू इत्यादि के भोग का प्रमाण मिलता है जो प्रायः युद्धकाल में अधिकांशतः चढाया जाता था
वर्तमान में अंबागढ़ दुर्ग के परकोटे और आन्तरिक दिवारे क्षतिग्रस्त अवस्था में है हालांकि इस दुर्ग को भारतीय पुरातात्विक विभाग एवं वन विभाग का संरक्षण प्राप्त है
चर्चा का विषय :- अंबागढ़ प्रकरण
युवा शक्ति मंच नामक एक संगठन की ओर से आमागढ़ स्थल पर कब्ज़ा करने की नियत से दुर्ग परिसर में खम्भा लगाकर सीमेंटेड कर दिया और अपने संगठन का नाम अंकित करते हुए भगवा झंडा लगा दिया। इसके बाद अम्बा माता मंदिर का नाम भी बदल दिया गया, और वहां मौजूद शिव व गणेश की पुरानी मूर्तियों को खंडित कर उनके स्थान पर नयी प्रतिमाएं रख दीं गईं, इसके अलावा मंदिर के एक कक्ष को संगठन का कार्यालय भी बना दिया गया।
विवाद ने जब तूल पकड़ा जब मीणा समाज के लोगों ने चेतावनी देने के बाद झंडा नहीं हटाने पर स्वयं मीणा समाज ने झंडा को हटा दिया। और आदिवासी ध्वज लगाने का आवाहृन किया ।
जिससे हिन्दू वादी संगठन में नाराजगी पैदा हो गयी
फिर उपदेश राणा ,सुरेश चव्हाणके आदिवासीयों को टारगेट करने लगें दूसरी और मीणा समाज अपनी ऐतिहासिक धरोहर एवं पूर्वजों के गौरव,मान सम्मान को बचाने के लिए आंदोलनरत हो गया इसी के बीच राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने अंबागढ़ दुर्ग पर आदिवासीयों का गणचिन्ह मीन (नर मछली ) का ध्वज आदिवासी धरोहर पर पहना दिया ।
और विवादो का दौर आज भी ज़ारी है





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