Kota Smart City ,Rajasthan कोटा स्मार्ट सिटी,राजस्थान

कोटा स्मार्ट सिटी, राजस्थान Kota Smart City, Rajasthan

Kota , Rajasthan
Sevan Wonders



कोटा  को भारत की शिक्षा नगरी कहा जाता है । देश के कोने कोने से कोटा में विधार्थी मेडिकल और इंजीनियरिंग से संबंधित शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष आते हैं ।


कोटा राजस्थान के पर्यटन स्थलों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है यहां देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादाद में भ्रमण के लिए आते हैं।




कोटा सिटी का इतिहास :- 


बाहरवीं शताब्दी मे राव देवा ने जैता मीणा पर विजय प्राप्त कर बूंदी मे हाडा शासन की नींव डाली थी,  

तत्पश्चात बूंदी के राजकुमार को कोटा की जागीरी प्राप्त हुई थी। सत्रहवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में राव माधोसिंह ने 'राजस्थान का कानपुर' व 'उद्योगों का शहर कोटा के स्वंत्रत राज्य की स्थापना की जिसे मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा मान्यता प्राप्त हुई। 

राव माधोसिंह ने चंबल नदी के तट पर वर्तमान में 'गढ़ पैलेस' के नाम से प्रसिद्ध महल की नींव रखी। यह विशाल परिसर, जिसे सिटी पैलेस के रूप में भी जाना जाता है,


प्रमुखतः राजपूत स्थापत्य शैली में बनाया गया है। महाराव माधो सिंह संग्रहालय गढ़ की दीवारों के भीतर स्थित है, जो कोटा स्कूल के राजपूत लघु चित्रों का एक शानदार संग्रह है। 

जग मंदिर


कालांतर में कोटा के राजाओं द्वारा अपनी रूचि के अनुसार अर्जुन महल, कंवर महल,जनाना महल, दरबार हॉल आदि सुंदर एवं कलात्मक भवनों का निर्माण करवाया गया। यहां के भित्ति चित्र तथा छतों पर की गई

कलात्मक चित्रकारी विश्व प्रसिद्ध है। ब्रज विलास महल तथा छत्रविलास उद्यान शहर के मध्य मे स्थित उल्लेखनीय दर्शनीय स्थल हैं।


'अभेड़ा महल' का निर्माण 18 वीं शताब्दी में कराया गया था। यह शाही आरामगाह की दृष्टि से कोटा से 8 किमी की दूरी पर निर्मित करवाया गया था, जिसमें राजकुमारी धीरदेह द्वारा कृत्रिम जलाशय निर्मित करवाया गया। 



महाराव उम्मेदसिंह द्वितीय के शासनकाल में इस जलाशय में मगरमच्छ की विभिन्न प्रजातियों को पाला जाता था तथा अभेड़ा का तालाब इसी के कारण प्रसिद्ध था।

कोटा महाराव दुर्जनशाल सिंह की महारानी तथा उदयपुर की राजकुमारी ब्रज कंवर ने कृत्रिम जलाशय किशोर सागर तथा 'जगमंदिर महल' का निर्माण 1743-45 के मध्य करवाया गया था।



 'अबली मीणी का महल' कोटा के महाराव मुकन्द सिंह हाड़ा ने अपनी पासवान अबली मीणी के लिए निर्मित करवाया। महाराव रामसिंह द्वितीय द्वारा निर्मित हवामहल' भवन हिन्दू स्थापत्य कला का अच्छा नमूना है।

हैंगिंग ब्रिज Hanging bridge



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