उदयपुर, राजस्थान Udaipur, Rajasthan द सिटी ऑफ लेक(झीलों की नगरी) के पर्यटन स्थल tourist places


उदयपुर, राजस्थान  Udaipur, Rajasthan  द सिटी ऑफ लेक(झीलों की नगरी) के पर्यटन स्थल




झीलों की नगरी के रूप में प्रतिष्ठित उदयपुर, मेवाड़ के राणा लाखा के शासन काल में निर्मित पिछौला झील के तट पर स्थित है

यह शहर अरावली पर्वत श्रैणी की पहाड़ियों से घिरा हुआ है

तथा हर तरफ हरी भरी वादियों से घिरा है जिनके बीच मनमोहक झीलें पर्यटकों का मन मोह लेती है ।

यहां का दृश्य देखने लायक होता है इस लिए प्रतिवर्ष देशी विदेशी पर्यटक यहां भ्रमण के लिए आते हैं तथा अपने साथ  लेक सिटी की यादें ले जाते है ।

उदयपुर ना सिर्फ प्राकृतिक रूप से बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी उतना ही महत्वपूर्ण है यहां स्थित ऐतिहासिक धरोहर भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। तथा यहां की कला संस्कृति और यहां का राजस्थानी भोजन भी बहुत प्रसिद्ध है ।

यही कारण है कि उदयपुर को  "पूर्व का वेनिस" भी कहा जाता है ।

यहां पर्यटकों को विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील जयसमंद झील भी स्थित है जो भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।


 स्वतंत्रता से पूर्व मेवाड़ की राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित इस ऐतिहासिक नगर की स्थापना मेवाड़ के राणा उदयसिंह द्वितीय ने 1559 ईस्वी में की थी

 यहां इस तथ्य का उल्लेख करना प्रासंगिक होगा कि जब अकबर ने 1567-68 में यहा पर आक्रमण किया था तब उदयसिहं ने गिरवा की पहाडियो मे शरण ली और जयमल व फत्ता के नेतृत्व में मेवाड का तीसरा साका हुआ..


 ✓ पिछौला झील :- 



पिछोला झील, उदयपुर : यह उदयपुर की दूसरी प्रमुख झील है। कहते हैं कि इस झील को 14वीं शताब्दी में

बंजारे द्वारा महाराणा लाखा के समय में बनवाया गया था। यहां रंगसागर, स्वरूप सागर व दूध तलाई नामक सहायक झीलें पोछोला के सैली में अभिवृद्धि करती है। झील के मध्य दो छोटे-छोटे टापूओं पर 'जगमंदिर' व 'जगनिवास' मौदेर नामक जल महल निर्मित है 

 सूर्यास्त होने पर झील में नाव की सवारी, झील और सिटी पैलेस का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है।

 ✓ जयसमंद झील :- 



  इस झील का निर्माण महाराणा जयसिंह ने 1685 में करवाया था। यह एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की कृत्रिम झील हैं यह विश्व की द्वितीय सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। 

 इस झील पर महाराणा जयसिंह ने एक बाँध बनवाया था।  झील के बाँध पर 6 सुन्दर छतरियां बनी हुई है तथा बीच में शिवजी का मंदिर बना हुआ है। बाँध के  किनारे पर महाराणी उदयपुर का ‘समर पैलेस' बना हुआ है तथा पास में ही 'हवा महल' और 'रूठी रानी' के महल दर्शनीय हैं। झील में 7 टापू हैं जहाँ मीणा, भील आदिवासी रहते हैं। सबसे मध्य मे टापू बाबा का मगरा/भागड़ स्थित है  जो सबसे बड़ा है तथा प्यारी सबसे छोटा टापू है।


✓फतेहसागर झील:-




फतेहसागर झील का पुनः  निर्माण फतेहसिंह ने करवाया था ।  इस झील में तीन टापू

स्थित हैं। सबसे बड़े टापू का नाम 'नेहरू गार्डन' (जवाहर पार्क) है जो देश विदेश के सैलानियों के आकर्षण का सबसे बड़ा केन्द्र है ।


✓ सज्जनगढ़ पैलेस/मानसून पैलेस :-



फतहसागर झील के पीछे एक ऊँची पहाड़ी की चोटी पर बना है

इसे  महाराणा सज्जनसिंह ने अपनी शिकारगाह (शूटिंग लॉज) के रूप में बनवाना प्रारम्भ किया तथा जिसे बाद में महाराणा

फतेहसिंह ने पूरा करवाया था।

यहां का दृश्य देखने लायक है यहां से आसपास के गांवों तथा फतेहसागर झील का दृश्य मनमोहक है ।


✓लैक पैलेस/जगनिवास महल:- 


इसका निर्माण महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने करवाया था जिसका अब नाम बदल कर लैक पैलेस होटल कर दिया गया है यह पिछौला झील के मध्य में बना हुआ है ।

यहां का दृश्य पर्यटकों को मोहित करने बाला होता है 


✓जगदीश मंदिर:-



उदयपुर जिला का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है जिसका निर्माण महाराणा जगतसिंह ने तीन मंजिला मंदिर के रूप में करवाया था यहां की चित्रकारी और मंदिर की शैली इसकी भव्यता को और भी ज्यादा निखार देती है 


✓ सिटी पैलेस :- 



यह पिछौला झील के तट पर स्थित है यह शाही परिवार का निवास स्थान हुआ करता था यहां के महल बेहद भव्य और विशाल सुन्दर कलाकृतियों से सुसज्जित है 

इसे जनाना और मर्दाना दो भागों में विभाजित किया गया है

सिटी पैलेस के अन्दर अनेक महल स्थित है जिनमें राजशाही परिवार रहता था 

अब इसके मुख्य भाग को संग्रहालय बना दिया गया है जहां ऐतिहासिक और राजशाही चीजों का रख-रखाव किया गया है 


✓ बागौर की हबेली :- 



यह शाही राजघरानें का मनोरंजन का मुख्य स्थान था यहां अन्य व्यक्तियों का प्रवेश नहीं दिया जाता था यहां संगीत एवं नृत्य की महफ़िल सजा करती थी 

इसका निर्माण मेवाड़ के प्रधानमंत्री  अमर चंद्र विलडा द्वारा राजपरिवार के सम्मान में  करवाया गया था ।


✓ विंटेज कार म्यूजियम :-




यहां विंटेज कारों का क्लासिकल कलेक्शन देखने को मिल जायेगा इनका उपयोग राजपरिवार करता था 

यहां स्थित सभी कारें चालू हालात में स्थित है यहां पुरानी नामचिन्ह कंपनीयों की विन्टैज कारें उपलब्ध है 

✓ जगमंदिर :-



पिछौला झील के मध्य में  एक द्वीप पर बना जगमंदिर राजपरिवार के आरामगाह स्थल था जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झांकियां अक्सर देखी जा सकती थी ।

माना जाता है की शाहजहां ने इस जगमंदिर को देखकर ताजमहल की रूपरेखा तैयार की थी की अर्थात् ताजमहल का विचार शाहजहां को इसी जगमंदिर से आया था ।

✓सहेलियों की बाडी :- 



यह एक अद्भुत और मनमोहक उद्यान है  जो महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय द्वारा रानी के आई हुई दासीयों के भ्रमण के लिए बनबायी गयी थी ।

यहां स्थित संगमरमर के हाथी , संग्रहालय, कमल कुंड आदि प्रसिद्ध है


  


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