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आंबागढ/आमागढ़ दुर्ग जयपुर राजस्थान aambagarh fort Jaipur Rajasthan

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अंबागढ़/आमागढ़ दुर्ग (जयपुर, राजस्थान) आदिवासीयों (मीणा जनजाति की  प्राचीन धरोहर) मुख्य प्रवेश द्वार अंबागढ़/आमागढ़ दुर्ग जयपुर के उत्तर में स्थित गलता की पहाड़ियों पर पुराने घाट के नाके पर स्थित है  गलता की पहाड़ियों को रोचक बनाने का श्रैय ग़ालिब ऋषि को जाता है जो कि मीणा जनजाति से थे। उन्हीं के नाम पर इन पहाड़ीयों का नाम "गलता की पहाड़ी " पडा । अंबागढ़ दुर्ग का निर्माण  बडगोती मीणा राजा ने सैनिक दृष्टि से करवाया था। क्योंकि  अरावली के पहाडी एवं  मैदानी क्षैत्रो में जनजाति जीवन निवास करता था एवं आंवागढ दुर्ग उसी अरावली श्रेणी पर बना हुआ है एवं  प्राचीन जयपुर क्षैत्र व आसपास के क्षैत्रो में मूल रूप से मीणा जनजाति का शासन था इसलिए बाहरी आक्रमणकारियों का सामना करने के अंबागढ़ दुर्ग महत्वपूर्ण सैन्य दुर्ग था  पानी की बाबडी  भले ही वर्तमान में यह दुर्ग जर्जर हालत में है परन्तु मीणा जनजाति आज भी इसे आदिवासीयों की अमूल्य धरोहर के रूप में देखती है  आज भी किले के अन्दर एक बड़ा जलाशय एवं  कुछ सैनिक बंकर (कक्ष) बने हुए जो इस बात को प्रमाणित करता ह...

पांचना/पांचणा बांध नहर करौली राजस्थान panchana dam canal/panchana Nahar karuli Rajasthan

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पांचना बांध ,पांचना नहर राजस्थान के करौली जिला  के  गुड़ला गाँव   में स्थित पांचना बांध मिट्टी से निर्मित बांध है पांच नदियों (भैसाबर,भद्रावती ,अटा,मांची,और बरखेड़ा नदी ) के संगम पर बने होने के कारण इस बांध का नाम पांचना पड़ा। पांचना  मिट्टी   से बना राज्य का सबसे बड़ा बांध है। इसे   अमेरिका   के आर्थिक संयोग से बनाया गया है पांचना बांध से करौली , सवाईमाधोपुर के मांड क्षैत्र और भरतपुर के बयाना क्षैत्र के आसपास के गांवों  में जलापूर्ति  होती हैं   पांचना बांध का निर्माण मांड क्षैत्र के जलसंकट को दूर करने और वहां के जीवनस्तर में सुधार लाने  के लिए किया गया था क्योंकि अरसों से मांड में जलसंकट बना हुआ था जलस्तर इस तरह प्रभावित था कि जमीनी फ्लोराइड युक्त पानी क्षैत्र के लोगों और कृषि के लिए उपयोग करना पड़ता था इसलिए  वर्ष 1980के आसपास (अनुमानित वर्ष1978) में गुडला गांव में पांच नदियों के संगम पर अमेरिका के आर्थिक सहयोग प्राप्त करके इसका निर्माण हुआ  तथा लगभग 10बर्षो के निर्माणकाल के पश्चात नहरों के माध्यम से लगभग 1990के आस...

ताजमहल आगरा उत्तर प्रदेश ,love sign/ simble Taj Mahal Agra u.p India Indian tourism , part of sewan wonders

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  भारत के उत्तरप्रदेश राज्य के आगरा शहर   में ताजमहल  यमुना नदी के किनारे स्थित जिसका निर्माण शाहंजहा के द्वारा उस्ताद अहमद लाहौरी और उस्ताद ईसा खां  वास्तु कारों के द्वारा करवाया गया था ताजमहल पर कुरान की आयतें लिखने वाला अमान खान सिराजी था वही गुंबद का निर्माण ईस्माइल का द्वारा किया गया मई पच्चीकारी का कार्य मोहनलाल के द्वारा किया गया  ताजमहल ना केवल स्थापत्य कला का उदाहरण है बल्कि ये प्यार और सम्मान के प्रतीक के रुप में भी जाना जाता है ताजमहल सैकड़ों बर्षो से अपनी संगमरमर की चमक को बनाये हुए देश दुनिया को स्नेह का संदेश दे रहा है ताजमहल को मुग़ल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में उसकी मृत्यु के पश्चात बनवाया था  कहा जाता है कि शाहज़हां ने ताजमहल के अलौकिक रूप को देखकर शिल्पकारों के हाथ कटवा दिये थे ताकि भविष्य में कोई दूसरा ताजमहल नहीं बनवा सके। परन्तु शाहजहां एक और ऐसी ही इमारत बनवाना चाहता जो कि काली हो सफेद नहीं अर्थात् काले संगमरमर की बनी हो जो कि यमुना नदी की दूसरी ओर हो जिससे ताजमहल की जलदर्पण छवि उसके साथ बन सके।  परन्तु इससे ...

रण्थमभौर दुर्ग सवाईमाधोपुर राजस्थान ranthanbhore fort SAWAI MADHOPUR Rajasthan, रण्थमभौर अभ्यारण ranthanbhore century

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  रणथम्भौर दुर्ग (गिरि एवं वन दुर्ग), सवाईमाधोपुर रणथम्भौर का दुर्ग सवाईमाधोपुर से लगभग 9 किलोमीटर दूर अरावली पर्वत मालाओं से घिरा हुआ एक पार्वत्य दुर्ग एवं वन दुर्ग है। इसका निर्माण आठवीं शताब्दी में अजमेर के चौहान शासकों द्वारा करवाया गया था। एक मान्यता अनुसार इसका निर्माण रणथान देव चौहान ने करवाया था। यह दुर्ग विषम आकार वाली सात पहाड़ियों से घिरा हुआ है। अबुल फजल ने लिखा है कि 'अन्य सब दुर्ग नंगे हैं, जबकि यह दुर्ग बख्तरबंद है। बीच-बीच में गहरी खाइयां और नाले हैं। ये सारे नाले चम्बल एवं बनास नदियों में जाकर मिलते हैं। रणथम्भौर दुर्ग ऊंचे गिरि शिखर पर बना हुआ है। इस तक पहुंचने के लिये संकरी घुमावदार घाटियों से होकर जाने वाले मार्ग से गुजरना पड़ता है। नौलखा दरवाजा (प्रवेश द्वार) , हाथी पोल, गणेश पोल, सूरज पोल, और त्रिपोलिया (अंधेरी दरवाजा) को पार करके दुर्ग में पहुंचा जाता है। इसके पास से एक सुरंग महलों तक गयी है। दुर्ग परिसर में हम्मीर महल, रानी महल, हम्मीर की कचहरी, सुपारी महल, बादल महल जौरां-भौरां, 32 खम्भों की छतरी, रनिहाड़ तालाब, जोगी महल, पीर सदरूद्दीन की दरगाह, लक्ष्मी नारा...
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Hawamahal Come friends, we introduce you to the capital of Rajasthan, Jaipur, which is also called the city of Gulavi, that is a priceless heritage Hawa Mahal. Hawa Mahal is not only a unique specimen of ancient craftsmanship but also a challenge to modern engineering . Hawa Mahal was built by Maharaja Pratap Singh of Jaipur in 1799 AD. Built under the direction of its architect Lalchand, Hawa Mahal consists of 5 floors, which are famous as Sharad Mandir, Ratan Mandir, Vichitra Mandir, Prakash Mandir and Hawa Mandir. The credit for bringing pink color to Jaipur is given to Ram Singh II, who got Jaipur painted pink on the arrival of British ruler Edward V and established Albert Hall Museum on the arrival of Prince Albert to Jaipur, which is the first museum of Rajasthan. Is  In the revolution of 1857, he had helped the British government with his whole heart, due to which the British honored him with the title of Stars Hind and also gave him the jagir of Kotputli. Hindi Translation...

Type of Culture of Rajasthan Tourism राजस्थान की विरासत और संस्कृति की जानकारी

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 नमस्कार दोस्तों,  आज हम आपको भारत के एक ऐतिहासिक, शौर्य गाथाओं,और बलिदानों की भूमि वाले राज्य राजस्थान के बारे में बताता हूं  राजस्थान भारत के पश्चिम में स्थित भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है जितना बड़ा राजस्थान है उतना ही बड़ा यहां का इतिहास है यहां की ऐतिहासिक शौर्य गाथाओं की कथाएं भी उतनी ही रोचक और जोशपूर्ण है  राजस्थान ना केवल शौर्य गाथाओं को समेटे है बल्कि यहां की कला संस्कृति भी यात्रीयों का मन मोह लेती है  राजस्थान के वीर योद्धाओं के रक्त से रंगी  हल्दीघाटी की भूमि राजस्थान के शौर्य का बखान करती है  राजस्थान का थार रेगिस्तान यहां के अद्भुत प्रेम और वीरता को दर्शाता है तथा रेगिस्तान में कला संस्कृति का प्रत्येक शाम जमघट मनमोहक झांकियां देखने को मिलती हैं  राजस्थान के शौर्य के प्रतीक दुर्ग चित्तौड़गढ़,रण्थमभौर, कुंभलगढ़ दुर्ग,आमेर दुर्ग और भी अनेक दुर्लभ दुर्ग यहां के साहस बलिदान को दर्शाता है  हम आपको क्रमबद्ध तरीके से राजस्थान के प्रत्येक स्थलों का दर्शन करवाते रहेंगे प्रतिदिन  English Translation:-  Hello...
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भारत एक अद्भुत विरासतों और आश्चर्यों से भरा देश है यहां का वातावरण एवं भौगोलिक स्थिति अपने आप में खुद को अन्य देशों से अलग बनाती हैं  Taj Mahal   भारत की प्राचीन धरोहरों एवं यहां कि कला संस्कृति अन्य सभी देशों से पुरानी और रोचक है और यही बात भारत को अन्य देशों से अलग बनाती हैं भारत एक ओर हिमाचल की वादियों से घिरा हुआ है तो दूसरी ओर गंगा नदी की पावन हवायें यहां की संस्कृति का वखान करती हैं   Hawamahal Himalaya भारत में अनेक ऐसे ऐतिहासिक दार्शनिक स्थल है जो भारत के वीर योद्धाओं को समर्पित है जो उनकी वीरता और बलिदान की याद दिलाती है  ऐतिहासिक धरोहरों और प्रकृति के रूप को चाहने वालों के लिए दुनिया भर में यात्रा करने के लिए प्रसिद्ध है Indian tradition   दुनिया भर के  लाखों करोड़ों यात्री भारत दर्शन के लिए हर साल आते हैं और यहां की संस्कृति और सभ्यता की सराहना किये विना नहीं रह पाते ।  वैसे भारत किन्हीं शब्दों और गुणगान का मोहताज नहीं है क्योंकि सारी खूबियां भारत खुद में समेटे हुए है  इसलिए एक एक करके भविष्य में आपको हम भारत दर्शन करवाते रहेंगे यह...